मसान-मन के भाव तन की पीड़ा

बनारस में गंगा घाट के किनारे, ठण्ड में अलाव की गर्मी में लड़का अपने दोस्तों के साथ बैठा है. वो लड़की जिसपर कल तक वो जान छिड़कता था, उसकी लाश को खुद के हाथों से जलाकर वो दोस्तों के साथ बैठा शराब पी रहा है. उसके दोस्त उससे कुछ बोलने को कह रहे हैं. वो कब से चुप बैठा है. एक दोस्त कहता है कि उसे अपना टाइम लेना चाहिए.

वो अचानक कुछ कहता है. कहता है उसे शायरी पसंद है. शायरी जो उसकी महबूबा को पसंद थी. जो उसे फ़ोन पर शेर पढ़के सुनाया करती थी. जो अब जा चुकी है. सिर्फ लकड़ियों के आग में चटखने की आवाजें आ रही हैं. आग में लड़के का लाल चीकट हो चुका आधी बांह का स्वेटर चमक रहा है. उसकी आंखों में उतर आये लीटर भर आंसुओं की तरह. पीछे पुल से एक ट्रेन गुज़रती है. लड़का चीखता है, “तू किसी रेल सी गुज़रती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं…” आसमान में देर तक ताकता है. और फिर पूरी ताकत लगाकर एक सवाल पूछता है, “साला ये दुःख काहे ख़तम नहीं होता है बे?”

लड़का दहाड़ें मार के रोने लगता है. वो चीख रहा होता है. उसके दोस्त उसके पास आते हैं. चुप कराना चाहते हैं लेकिन लड़का चुप होने को तैयार नहीं है. इतने में उसका दोस्त उसे कहता है, “हम बहुतै मारेंगे. हम…समन्नई रहे हो. बहुत मारेंगे हम तुमको.”

ये है बनारस. बनारस का प्यार. बनारस की दोस्ती. जहां दोस्त अपने दोस्त को चुप कराने के लिए उसे मारने की धमकी देता है. फ़िल्म का नाम है मसान. कान, फ़िल्मफ़ेयर, और अब नेशनल अवार्ड! पहली ऐसी फ़िल्म जिसके डायरेक्टर को ये तीन अवार्ड मिले हों. नीरज घैवान. गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के असिस्टेंट डायरेक्टर घैवान ने डायरेक्शन में पांव रक्खा तो एकदम सूपड़ा ही साफ़ कर दिया. 2015 की वो फ़िल्म जिसके बारे में सबसे ज़्यादा बातचीत की गयी.

फ़िल्म बनारस को दिखाती है. और ख़ास बात ये कि बनारस को सबसे ईमानदारी से दिखाती है. वो चाहे फ़िल्म के शॉट्स हों या वहां की बोली. बनारस को बनारस सा दिखाया है मसान में. फिल्म लिखी है वरुण ग्रोवर ने. वरुण बनारस के उतने ही हैं जितना बनारस वरुण का है.

फ़िल्म की जान उसके डायलॉग में बसी हुई है जिनमे से सबसे ज्यादा प्रसिद्ध ये हुआ

तू किसी रेल सी गुज़रती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं.

तू भले रत्ती भर न सुनती है, मैं तेरा नाम बुदबुदाता हूं.

किसी लम्बे सफ़र की रातों में, तुझे अलाव सा जलाता हूं….

इसके अलावा भी ढेरों डॉयलोग्स हैं जो अंदर तक छूतें हैं।

मौका मिले तो जरूर देखियेगा विक्की कौशल,संजय मिश्रा और ऋचा चड्ढा का काम काबिले तारीफ है।

दोस्तों आज बातों बातों में बात करते हैं अश्लील आज़म खान की जो समाजवादी पार्टी के एक बेहद ही बदतमीज सांसद हैं।

ये काफी प्रसिद्ध हैं सिर्फ अपने बयानों के कारण कभी बोलते हैं कि IAS व IPS सभी मायावती की चप्पलें साफ करेंगे।

कभी जयाप्रदा के बारे में अश्लील टिप्पणी करते हैं ऐसी टिप्पणियां जिनका परिवार या सभ्य समाज मे हम आसानी से जिक्र भी नहीं कर सकते हैं।

पर इस बार तो ये एक कदम आगे ही निकल गए इन्होंने संसद में ही चेयरपर्सन को छेड़ दिया,जी हां जो शब्द उन्होंने कहे मैं आपको समझाना चाहूंगा…
गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक पर रोक लगाने के प्रावधान वाले विधेयक पर चर्चा के दौरान बृहस्पतिवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गयी जब पीठासीन सभापति रमा देवी को लेकर समाजवादी पार्टी नेता आजम खान की एक टिप्पणी पर भाजपा सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया और उनसे माफी की मांग की। आजम खान समेत सपा के सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन से वाकआउट किया. उनके बयान पर सांसद रमा देवी ने कहा कि उन्होंने (आजम खान) ने कभी महिलाओं का सम्मान नहीं किया. हम सभी जानते हैं कि उन्होंने जया प्रदा के बारे में क्या कहा था. उन्होंने कहा, ‘मैं स्पीकर से मांग करती हूं कि उनको बर्खास्त किया जाए. आजम खान को माफी मांगनी होगी.’

गौरतलब है कि आजम खान जब ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019′ पर सदन में हो रही चर्चा में भाग ले रहे थे तो पीठासीन सभापति रमा देवी ने उनसे आसन की ओर देखकर बोलने को कहा. इस पर खान ने कुछ ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की जिस पर बीजेपी के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया. पीठासीन सभापति रमा देवी भी कहते सुनी गयीं कि यह बोलना ठीक नहीं है और इसे रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए. उन्होंने इसके लिए आजम खान से माफी मांगने को भी कहा. हालांकि आजम खान ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा ‘‘आप मेरी प्यारी बहन हैं.” बहरहाल, बीजेपी के सदस्य माफी पर अड़े रहे और टीका-टिप्पणी जारी रही. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, वन और पर्यावरण राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो तथा गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने आसन से मांग की कि सपा सदस्य आजम खान को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने का निर्देश दिया जाना चाहिए.

वहीं शुक्रवार को भी संसद में इस मुद्दे पर बीजेपी के सभी सांसदों ने एक सुर में मुद्दे पर कार्रवाई करने की मांग की है. बीजेपी के अनुराग ठाकुर ने कहा कि कार्रवाई होनी चाहिए ताकि अगले 100 सालों तक इसकी नजीर बने. वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आजम का बयान बेहद आपत्तिजनक है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए.

आज़म खान ने वैसे ही शब्दों का प्रयोग किया जैसे सड़क छाप लड़के ‘Eve Teasing’ के वक्त प्रयोग करते हैं,दरअसल वो किसी और के सवालों का जवाब किसी और को दे रहे थे और माननीय रामादेवी जी की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने आज़म खान को सीधे देखकर जवाब देने को कह दिया,फिर क्या था आज़म खान को ये बेइज़्ज़ती लगी और उन्होंने मैडम चेयरपर्सन को छेड़ दिया,

दोस्तों किसी की बेइज्जती करके आप लाख माफी मांगे सब बेकार,आज़म खान कहते हैं कि उनके पूर्वजों ने गलती करदी पाकिस्तान न जाकर पर अब ऐसा लगता है कि तुम वहीं होते तो अच्छा होता।

बहरहाल सभी महिला सांसदों ने अब एकजुट होकर इस बदतमीज को सबक सिखाने का पक्का इरादा कर लिया है ये शायद पहले होना चाहिए था जब इस नालायक ने जयाप्रदा जी के बारे में बेहद घटिया शब्दों का प्रयोग किया था।

पर पॉलिटिक्स में तो कहावत है कि बांतों को मुर्दे की तरह दबा कर रखो और सही वक्त आने पर जिंदा करो। ED भी अपना काम कर रही है व शुभ्रमन्यम स्वामी ने तो कह भी दिया कि आजम खान जेल जाएंगे।

मैं आपको बता दूं कि जब जब स्वामी ने कोई भविष्यवाणी की है वो सच हुई है।

दोस्तों आज के लिए इतना ही…

आपका अपना-राहुल बिस्वास